Tuesday, 1 September 2026

Noore Nazar

ग़ज़ल

दिल माइल है  इतना उस नूरे-नज़र पे, वो सब पे नज़र रखते हैं हम उन पे।

चले आते है वह चुपके से  ख्वाबो मे रातभर, दिल शाद है मेरा उनकी इस मेहर पे।

दीवानगी का हाल न पूछो मेरी उनसे, सजदे ही बिछा दिए हैं हर एक गुज़र पे।

हर सांस में महकी है उन्हीं की ही हसीं याद, हम जी भी रहे हैं तो बस उनके असर पे।

तूफां में भी ढूंढ ही लेती है जो राहें, अब कोई नहीं ख़ौफ़ तबाही के सफ़र पे।

'रमेश' अब तू छुपाए न छुपा अपना ये आफ़ात, सब जान गए दर्द तेरा चेहरे के असर पे।

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